जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. राहुल गांधी का धरना और सीजेपी: आशुतोष रांका का इंटरव्यू

  2. पुलिस की कार्रवाई में घायल युवाओं ने इस बर्बरता पर क्या कहा

  3. सीजेपी का प्रदर्शन ऐतिहासिक: अन्ना आंदोलन के साथ तुलना से लेकर आपातकाल तक पर क्या बोले योगेंद्र यादव

  4. डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'हम होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी जहाज़ पर हमले का जवाब पुल और पावर प्लांट पर बमबारी करके देंगे'

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी है.

    उन्होंने पोस्ट में कहा, "अब से, अगर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी जहाज़ पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका ईरान की राजधानी में या उसके आसपास स्थित किसी एक पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी कर उसे नष्ट कर देगा."

    यह धमकी ऐसे समय में आई है, जब होर्मुज़ स्ट्रेट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में कमर्शियल और सैन्य जहाज़ों पर हमले, ईरान और अमेरिका के बीच टकराव का एक प्रमुख मुद्दा बन गए हैं.

    अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान पर हाल के हमलों का उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना है, जिसके जरिए वह समुद्री जहाज़ों के लिए ख़तरा पैदा कर सकता है और इस जलमार्ग में आगे होने वाले हमलों को रोकना है.

    वहीं, हाल के सप्ताहों में ईरान कई बार होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपने अधिकार की बात दोहरा चुका है. साथ ही, ईरानी बलों पर क्षेत्र में कई जहाज़ों पर हमला करने या उन्हें रोकने के आरोप भी लगे हैं.

    इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका को युद्ध का दायरा बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है और चेतावनी दी है कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का और अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा.

  5. नड्डा ने पेपर लीक को लेकर विपक्ष पर किया हमला, राहुल गांधी की मंशा पर उठाए सवाल

    जेपी नड्डा

    इमेज स्रोत, जोपी नड्डा

    इमेज कैप्शन, जेपी नड्डा ने कहा, "हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है"

    भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर हमला किया है.

    उन्होंने कहा कि अतीत में भी कई बार कई राज्यों में पेपर लीक होते रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "अगर मैं जम्मू-कश्मीर के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में हुए पेपर लीक की बात करूं, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, यहां भी कांग्रेस की सरकार है. झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षा के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है."

    उन्होंने आगे कहा, "तेलंगाना में इंटरमीडिएट की भाषा की परीक्षा का पेपर लीक हुआ और वहां भी सरकार को कांग्रेस और सीपीआई का समर्थन प्राप्त है. तेलंगाना में ही एसएससी की भाषा की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ और वहां भी सरकार को कांग्रेस और सीपीआई का समर्थन प्राप्त है."

    नड्डा ने कहा, "आप राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है. ये गंभीर मसला है. एक लंबी लिस्ट है जहां यूपीए की सरकारें थीं और पेपर लीक हुए."

    उन्होंने कहा, "हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है. हम ठोस नीति लेकर आएं क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं. ये सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी ज़िम्मेदारी है."

    जेपी नड्डा ने बताया कि वो प्रदर्शनकारियों से चर्चा के लिए तैयार हैं, प्रदर्शनकारी जब कहेंगे सरकार बातचीत करेगी. हालांकि आज कोई चर्चा नहीं हुई.

  6. सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश, कहा - छात्रों पर हमलों की वजह से जारी है अनशन

    सोनम वांगचुक

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    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी भी ज़िंदा ही हूं"

    सोनम वांगचुक ने बुधवार को गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल से एक वीडियो संदेश जारी किया है. इस संदेश में उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए छात्रों की तारीफ की.

    वांगचुक ने सरकार से छात्रों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की एफ़आईआर दर्ज न करने की मांग की.

    सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी भी ज़िंदा ही हूं. आज मेरे अनशन का 25वां दिन है. अब तक मेरा करीब 11 किलोग्राम वज़न कम हुआ है. साथ ही, मांसपेशियां भी कम होने लगी हैं, लेकिन मैं ठीक हूं. मंगलवार की रात को मैं सफ़दरजंग से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट हुआ."

    "मैं उन सभी छात्रों को दाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इतने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया, खुद पर लाठियां खाते हुए भी कोई जवाबी हमला नहीं किया. बहुत उकसाए जाने पर भी आपने सब्र से काम लिया. इससे मेरा दिल बहुत पिघल गया है."

    उन्होंने कहा, "छात्रों पर बर्बरता से हमले हो रहे थे, इसलिए मैंने अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया. अभी भी अनशन तोड़ने की अपील के साथ बहुत सारे नेता आए. सत्तारूढ़ दल के नेता भी आए और 55 सांसदों के हस्ताक्षरों वाला पत्र लेकर विपक्ष के सांसद भी आए, जो अपील कर रहे हैं कि मैं अनशन तोड़ूं और वापस देश सेवा में लग जाऊं.

    "मैं खुद भी ऐसा ही करना चाहता हूं. मेरे लिए मेरा काम बहुत ज़रूरी है."

    "मगर मैं सरकार से विनती करता हूं कि वह बच्चों पर और बल प्रयोग न करे. दूसरी बात, सरकार मुझे यह आश्वासन दे कि प्रदर्शनकारियों पर एफ़आईआर दर्ज नहीं की जाएगी.

    नीट पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनशन कर रहे हैं.

  7. पुलिस ने विपक्ष के नेताओं को सोनम वांगचुक से मिलने से रोका, सोनम की पत्नी ने क्या कहा

    संजय सिंह

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    इमेज कैप्शन, संजय सिंह के अलावा वहां सपा की सांसद प्रिया सरोज और राजद के सांसद संजय यादव भी मौजूद थे

    विपक्ष के सांसद बुधवार शाम सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया.

    इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने कहा, "इतिहास में पहली बार आपने सुना होगा कि पुलिस किसी अस्पताल में भर्ती मरीज से लोगों को मिलने से रोक रही है. हम सोनम वांगचुक से मिलने आए हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं."

    आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी, आरजेडी, सीपीआई(एम), जेएमएम, बीजेडी और आप के 15 सांसदों को सोनम वांगचुक से मिलकर 55 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने की अनुमति नहीं दी गई.

    संजय सिंह ने आगे कहा, "क्या ये लोग सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं? इस चिट्ठी में लिखा है कि आप अपना अनशन खत्म कीजिए. आपकी सेहत और आपकी जिंदगी की अहमियत को देखते हुए आपको अपना अनशन जारी नहीं रखना चाहिए."

    सोनम वांगचुक ने कहा था कि अगर देश के सांसद हमें भरोसा दिलाएं, तो मैं अपना अनशन खत्म कर सकता हूं. लेकिन हमें यह चिट्ठी देने की इजाजत नहीं दी जा रही है, हमें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है.

    जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिल चुके हैं. विपक्ष के भी कई सांसद उनसे मिलने आए हैं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा."

    संजय सिंह के अलावा वहां सपा की सांसद प्रिया सरोज और राजद के सांसद संजय यादव भी मौजूद थे.

    सोनम वांगचुक की पत्नी ने क्या कहा

    सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजली आंग्मो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "सोनम वांगचुक ने सांसदों से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया है. लेकिन उन्हें भारत सरकार से यह भरोसा भी चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होगा."

    गीतांजली ने कहा कि उन्हें यह आश्वासन भी चाहिए कि आज रात प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह की शारीरिक हिंसा नहीं होगी.

  8. सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश, पुलिस सुरक्षित रखे सीसीटीवी फ़ुटेज

    संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को मारती दिल्ली पुलिस

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    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली में सोमवार को संसद भवन मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था

    20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर दो याचिकाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया.

    बार एंड बेंच के मुताबिक, चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए मामले ऐसे नहीं हैं जिन्हें केवल प्रभावित लोगों के पास निजी शिकायत दर्ज कराने के लिए भेजा जा सके.

    अदालत ने कहा, "अगर यह कोई एक अलग घटना होती, तो स्थिति अलग होती. पुलिस उन्हें निजी शिकायत दर्ज कराने के लिए कहने में सही हो सकती थी. लेकिन यह ऐसा (अलग-थलग) मामला नहीं है."

    इसके बाद अदालत ने पुलिस को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.

    अदालत ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी.

  9. 7 लोक कल्याण मार्ग कब बना पीएम आवास और कब-कब इसके बाहर हुए विरोध प्रदर्शन

  10. राहुल गांधी बोले, 'विरोध कर रहे स्टूडेंट्स आतंकवादी नहीं, हमारा भविष्य हैं'

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

    इस दौरान उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान, प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स और प्रधानमंत्री के घर के बाहर किए गए धरने की बात की.

    सांसद राहुल गांधी ने कहा, "सवाल यह है कि हमारे स्टूडेंट्स के साथ ऐसा क्यों हो रहा है. आखिर हमारे छात्रों ने क्या ग़लती की है? उनके सामने सुरक्षा बल हथियार लेकर खड़े हैं. उन्होंने ऐसा क्या ग़लत किया है?"

    राहुल गांधी ने कहा कि विरोध कर रहे स्टूडेंट्स आतंकवादी नहीं, वे हमारा भविष्य हैं; इसके लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए.

    पीएम मोदी के घर के बाहर प्रदर्शन के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, "हमें लगा कि अगर हिंदुस्तान के स्टूडेंट सड़कों पर हैं तो विपक्ष को भी सड़कों पर होना चाहिए था. ये एक मुख्य कारण था."

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास जाने से पहले वो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास गए और उन्हें बताया कि वो स्टूडेंट्स के मुद्दे पर सदन में बोलना चाहते हैं. जिसके बाद ओम बिरला ने कहा कि वह सरकार से पूछेंगे.

    राहुल गांधी ने कहा कि इसके बाद कोई डिस्कशन नहीं हुआ और पूरे मुद्दे को इग्नोर कर दिया गया.

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान एक सिंबल हैं और स्टूडेंट्स के साथ जैसा व्यवहार हो रहा है, उससे छात्र दुखी हैं. और छात्रों के सम्मान के लिए उस सिंबल 'धर्मेंद्र प्रधान' को हटाना होगा."

  11. सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने रखीं ये मांगें

    सोनम वांगचुक (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक (फ़ाइल फ़ोटो)

    सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के संबंध में सरकार को पत्र लिखकर एक अपील की है.

    उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा, "एक बार सरकार से आश्वासन मिल जाने के बाद, मैं शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों से भी अपील करूंगा कि वे फिलहाल आंदोलन रोक दें और सरकार के साथ बातचीत शुरू करें."

    उन्होंने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में कहा, "कल रात अस्पताल में मुझसे मिलने आने और मेरा अनशन ख़त्म करने की अपील करने के लिए आपका धन्यवाद. हमारी बातचीत के दौरान आपने मुझे भरोसा दिलाया कि सरकार निम्नलिखित मुद्दों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी."

    "जैसे- परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवज़ा दिया जाएगा. और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा होगी, जिसमें माननीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े पर विचार भी शामिल होगा."

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

    उन्होंने पत्र में आगे कहा, "अगर सरकार ऐसा आश्वासन देती है, तो मैं इस विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर दूंगा कि सरकार ने न सिर्फ मेरी अपील सुनी है, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को भी समझा है. लेकिन ऐसा आश्वासन नहीं मिलने पर मुझे अपना अनशन अनिश्चितकाल तक जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा."

    उन्होंने आगे कहा, "मुझे यह भी उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल दोबारा नहीं किया जाएगा."

    नीट पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनशन कर रहे हैं.

  12. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास बोले, 'बातचीत के लिए सरकार के सामने हमने दिए दो विकल्प'

    सौरव दास

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    इमेज कैप्शन, सौरव दास ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और दूसरे सांसदों के ख़िलाफ़ हुई पुलिस की कार्रवाई की निंदा की

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें आज सुबह भी सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया था और सरकार के सामने दो विकल्प रखें हैं.

    सौरव दास ने कहा, "हमने सरकार के सामने दो विकल्प रखे हैं. हमने उनसे कहा है कि या तो वो जंतर-मंतर आ जाएं, या फिर जंतर-मंतर के पास किसी निष्पक्ष स्थान पर बातचीत हो सकती है."

    सौरव दास ने सरकार के उस दावे पर भी बात की, जिसमें कहा गया था कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था.

    सौरव दास ने कहा, "उन्होंने (सरकार ने) 20 जुलाई को भी हमसे संपर्क किया था. वे जो यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने हमसे संपर्क नहीं किया, वह पूरी तरह ग़लत है. वो सुबह से ही हमसे लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके वीडियो भी मौजूद हैं, जिनमें पुलिस हमें सरकार से बातचीत करने के लिए कह रही है."

    सौरव दास ने आगे बताया, "आज भी पुलिस हमारे पास आई और कहा कि सरकार बातचीत करना चाहती है. हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन तभी जब सरकार खुले मन से हमारी बात सुने, प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और उन्हें स्वीकार करने की इच्छा रखे."

    सौरव दास ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और दूसरे सांसदों के ख़िलाफ़ हुई पुलिस की कार्रवाई की निंदा की.

    राहुल गांधी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस सांसदों के साथ धरने पर बैठे थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.

  13. राहुल गांधी के धरने पर बैठते ही मोदी सरकार के मंत्री तत्काल बात करने क्यों पहुँच गए थे?

  14. 'घर वाले मना कर रहे, मगर मैं हक़ के लिए खड़ी रहूंगी'

  15. राजनाथ सिंह बोले, 'छात्रों और युवाओं को राजनीतिक औज़ार के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रयास हो रहा'

    राजनाथ सिंह

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    इमेज कैप्शन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के जागरूक नौजवान ऐसे भ्रामक प्रयासों को अच्छी तरह समझते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन को गंभीर चिंता का विषय बताया.

    उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग हमारे देश के छात्रों और युवाओं को अपने राजनीतिक स्वार्थों को पूरा करने के लिए, एक राजनीतिक औज़ार के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं."

    "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार नौजवानों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है."

    राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के जागरूक नौजवान ऐसे भ्रामक प्रयासों को अच्छी तरह समझते हैं.

    उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के जागरूक, परिपक्व और विवेकशील नौजवान ऐसे भ्रामक प्रयासों को अच्छी तरह समझते हैं और वे प्रगति, विकास और राष्ट्रनिर्माण के रास्ते को चुनेंगे."

    "हम इस बात के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि हमारे छात्रों और नौजवानों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो."

    नीट पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनशन कर रहे हैं.

    20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च का आह्वान किया था, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. विपक्ष पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना कर रहा है.

  16. किम जोंग-उन ने कैसे उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था बेहतर कर अपनी सत्ता और मज़बूत की

  17. महिलाओं से बदसलूकी के आरोप, सादी वर्दी वाले करते लाठीचार्ज: सीजेपी प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई पर उठते सवाल

  18. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र से निलंबित

    कल्याण बनर्जी

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    इमेज कैप्शन, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो)

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को सांसद के मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया. उन पर महिला सांसदों के ख़िलाफ़ अभद्र व्यवहार और असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं.

    बुधवार को सदन की अध्यक्षता कर रहे टीडीपी सांसद केपी तेन्नेटी ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष को कल्याण बनर्जी के कथित आचरण और भाषा को लेकर लिखित शिकायत मिली है.

    जिसके बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कल्याण बनर्जी को संसद के मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया और सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कल्याण बनर्जी ने सदन की कार्यवाही के दौरान "अप्रत्याशित और अनुचित व्यवहार" किया और कथित तौर पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करते हुए एनसीपीआई के सदस्यों और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.

  19. कॉकरोच जनता पार्टी ने सोनम वांगचुक को पत्र लिखकर की ये मांग

    सोनम वांगचुक (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने भी एक्स पर एक वीडियो जारी कर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बुधवार को सोनम वांगचुक को पत्र लिखकर उनसे अनशन तोड़ने की मांग की है.

    सीजेपी ने अपने पत्र में लिखा है, "पूरे सम्मान और दिल से आभार के साथ हम आपसे निवेदन करते हैं कि प्लीज़ अपना अनशन खत्म कर दीजिए. आपके त्याग ने पूरे देश के हज़ारों छात्रों को प्रेरित किया है. 20 जुलाई को अलग-अलग राज्यों से युवा सिर्फ आपके और इस आंदोलन के समर्थन में पहुंचे."

    "आपने दिखा दिया कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस छात्र की है जो परीक्षा व्यवस्था में न्याय चाहता है. लेकिन इस समय सबसे ज़रूरी है कि आप अपनी सेहत का भी ख्याल रखें."

    सीजेपी ने सोनम से वादा किया है कि उनके अनशन टोड़ने की वजह से यह आंदोलन ख़त्म नहीं होगा.

    सीजेपी ने लिखा, "हम इस लड़ाई को पूरी ताकत से आगे बढ़ाएंगे और परीक्षा में न्याय की हमारी मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगे. इस आंदोलन को आगे ले जाने के लिए हम हरसंभव कोशिश करेंगे."

    सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने भी एक्स पर एक वीडियो जारी कर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है.

    दीपके ने एक्स पर लिखा, "देश को सोनम वांगचुक की ज़रूरत है और उनका जीवन इतना अनमोल है कि उसे और जोखिम में नहीं डाला जा सकता. जंतर-मंतर पर हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं."

  20. पटना में छात्रों का प्रदर्शन: पुलिस ने किया वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने छात्रों को रोक दिया

    दिल्ली में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आह्वान पर छात्रों ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में आइसा के छात्रों के अलावा अन्य छात्र संगठनों से जुड़े छात्र भी शामिल हुए.

    प्रदर्शनकारियों का मार्च पटना के गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होकर राजभवन तक जाना था. हालांकि, गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने छात्रों को रोक दिया. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आँसू गैस के गोले छोड़े.

    बीबीसी के वीडियो जर्नलिस्ट शहनवाज़ अहमद के मुताबिक, पुलिस की ओर से आँसू गैस के दो गोले छोड़े गए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पुलिस पर पथराव किए जाने का आरोप है.

    पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र जेपी गोलंबर पर नहीं रुके और आगे बढ़ते हुए डाक बंगला चौराहे तक पहुंच गए.

    इस दौरान छात्र लगातार "गोदी मीडिया गो बैक" के नारे लगाते रहे.

    प्रदर्शन के दौरान कई मीडिया कर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद कई मीडिया कर्मियों को भीड़ से बाहर निकाला गया.

    प्रदर्शन

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