जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. नड्डा जी, जब जम्मू-कश्मीर में पेपर लीक हुआ तो एलजी का शासन था: उमर अब्दुल्लाह

    उमर अब्दुल्ला

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    इमेज कैप्शन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यहां पेपर लीक पर केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा के आरोपों पर जवाब दिया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जे पी नड्डा जी. आपने जम्मू-कश्मीर में एसएसबी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का ज़िक्र करके सही मुद्दा उठाया है, लेकिन उसकी तारीख़ ग़लत बता दी. यह मामला 2022 का था और उस समय जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस की सरकार नहीं थी.''

    ''वहां प्रशासन लेफ़्टिनेंट गवर्नर के नेतृत्व में चल रहा था. फिर भी, इस विफलता की याद दिलाने के लिए आपका धन्यवाद.''

    ''इस मामले में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने कई अहम टिप्पणियां की थीं और कुछ महत्वपूर्ण आदेश भी दिए थे.''

    '''लेकिन आज तक यह पता नहीं चल पाया कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई हाई लेवल कमिटी और उसकी रिपोर्ट का क्या हुआ.''

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था, ''अगर मैं जम्मू-कश्मीर के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में हुए पेपर लीक की बात करूं, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, यहां भी कांग्रेस की सरकार है. झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षा के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है."

  2. सलमान, आलिया और अरुंधति समेत ये दिग्गज सीजेपी के आंदोलन पर क्या बोले

  3. दिल्ली मेट्रो के ये स्टेशन आज भी रहेंगे बंद, कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा

    दिल्ली मेट्रो

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    दिल्ली मेट्रो ने बताया है कि गुरुवार ( 23 जुलाई 2026) को इसके कई मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे.

    दिल्ली मेट्रो ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है, ''सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक निम्नलिखित मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी.''

    जो मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे वो इस तरह हैं- 1.लोक कल्याण मार्ग 2. राजीव चौक 3. पटेल चौक 4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग 5. बाराखंभा रोड 6. सुप्रीम कोर्ट 7. सेवा तीर्थ 8.जनपथ 9.मंडी हाउस 10.सेंट्रल सेक्रेटेरिएट 11.आईटीओ 12.दिल्ली गेट 13. इंद्रप्रस्थ 14. ख़ान मार्केट 15.जोर बाग 16. शिवाजी स्टेडियम.

    हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इन स्टेशनों पर यात्री एंट्री या एग्ज़िट नहीं कर पाएंगे.

    इससे पहले बुधवार शाम को दिल्ली मेट्रो ने कहा था कि उसके सभी स्टेशन पैसेंजर सर्विस के लिए खुले हैं.

  4. सीजेपी ने कहा- 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग से कोई समझौता नहीं'

    कॉकरोच जनता पार्टी

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    इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कोई समझौता नहीं होगा

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के लेकर कोई समझौता नहीं होगा.

    कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "मैंने आज सोनम वांगचुक से कई बार बात की. उन्होंने सभी प्रदर्शन करने वालों से अपील भी की है कि वे शांति बनाए रखें और इस प्रदर्शन को सही तरीके से करें. इस देश में पहले हुए प्रदर्शनों में, सत्ताधारी दल की ओर से असामाजिक तत्त्वों की घुसपैठ कराई गई और फिर दोष आंदोलन पर मढ़ दिया गया. ऐसा नहीं होना चाहिए."

    केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उन्होंने कहा, "जे.पी. नड्डा को शर्म आनी चाहिए. लोग यहां 30 दिनों से ज़्यादा समय से बैठे हैं और वे कह रहे हैं कि राजनीति नहीं होनी चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर कोई समझौता नहीं होगा, उन्हें जाना होगा. तब तक ये प्रदर्शन चलता रहेगा."

    इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहा कि विपक्षी दल इस आंदोलन में राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं.

    उन्होंने कहा था, ''हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है. हम ठोस नीति लेकर आएं क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं. ये सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी ज़िम्मेदारी है."

  5. कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट, अन्ना आंदोलन से कितना अलग?

  6. अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौता

    ट्रंप और प्रिंस सलमान

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    अमेरिका और सऊदी अरब ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

    इस समझौते से खाड़ी का यह देश अपना नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित कर सकेगा.

    अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, यह "शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौता" है.

    इसके तहत अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर काम करने का अवसर मिलेगा.

    समझौते का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, भविष्य में इसके तहत सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्द्धन की अनुमति मिल सकती है.

    संवर्द्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बिजलीघरों के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है.

    हालांकि, इसी तकनीक का उपयोग परमाणु बम बनाने के लिए भी किया जा सकता है.

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसा होता है, तो यह अमेरिका की ओर से पहली बार होगा. इससे पहले से ही अस्थिर पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों के प्रसार का खतरा बढ़ सकता है.

    अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बताया कि परमाणु सहयोग समझौते के साथ एक द्विपक्षीय सुरक्षा निगरानी समझौते (बाइलेटरल सेफगार्ड्स एग्रीमेंट) पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं.

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  9. अमेरिका और सऊदी अरब के बीच परमाणु ऊर्जा को लेकर कैसा समझौता हो सकता है?

    प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक ऐसे समझौते का ऐलान होने की उम्मीद है, जिसके तहत खाड़ी का यह देश अपना सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम विकसित कर सकेगा.

    सीबीएस न्यूज़ (बीबीसी के अमेरिकी साझेदार) के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन बुधवार को इस समझौते की घोषणा कर सकता है.

    रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियां सऊदी अरब की ज़मीन पर नागरिक उपयोग के लिए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन कर सकेंगी. साथ ही, सऊदी अरब को अपने परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन संवर्धन (यूरेनियम एनरिचमेंट) करने की अनुमति भी मिल सकती है.

    रिपोर्ट के मुताबिक, यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की यह प्रक्रिया सऊदी अरब में अमेरिका द्वारा बनाई जाने वाली एक यूरेनियम एनरिचमेंट सुविधा में होगी. यही प्रस्ताव अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुए परमाणु समझौते से इसे अलग बनाता है.

    2009 में हुए अमेरिका-यूएई परमाणु समझौते के तहत यूएई को अपना परमाणु ईंधन तैयार करने की अनुमति नहीं है. इसके अलावा उस समझौते में उस पर कई अन्य प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.

    मध्य पूर्व में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी इसराइल के परमाणु विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस तरह का समझौता भविष्य में सऊदी अरब को परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता दे सकता है.

    द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता 30 सालों के लिए होगा.

    अमेरिका और सऊदी अरब के बीच सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम में सहयोग को लेकर बातचीत 2008 से ही चल रही है.

    जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन के दौरान दोनों देशों ने एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत अमेरिका ने कहा था कि वह सऊदी अरब को सिविल न्यूक्लियर एनर्जी विकसित करने में मदद करेगा.

    हालांकि, उस समय सऊदी अरब ने कहा था कि वह परमाणु ईंधन का आयात करेगा और "संवेदनशील परमाणु तकनीकों" को विकसित करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा.

  10. जंतर मंतर आई इस लड़की के घरवालों ने रोकी फंडिंग

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  12. राहुल गांधी का धरना और सीजेपी: आशुतोष रांका का इंटरव्यू

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  14. सीजेपी का प्रदर्शन ऐतिहासिक: अन्ना आंदोलन के साथ तुलना से लेकर आपातकाल तक पर क्या बोले योगेंद्र यादव

  15. डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'हम होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी जहाज़ पर हमले का जवाब पुल और पावर प्लांट पर बमबारी करके देंगे'

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी है.

    उन्होंने पोस्ट में कहा, "अब से, अगर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी जहाज़ पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका ईरान की राजधानी में या उसके आसपास स्थित किसी एक पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी कर उसे नष्ट कर देगा."

    यह धमकी ऐसे समय में आई है, जब होर्मुज़ स्ट्रेट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में कमर्शियल और सैन्य जहाज़ों पर हमले, ईरान और अमेरिका के बीच टकराव का एक प्रमुख मुद्दा बन गए हैं.

    अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान पर हाल के हमलों का उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना है, जिसके जरिए वह समुद्री जहाज़ों के लिए ख़तरा पैदा कर सकता है और इस जलमार्ग में आगे होने वाले हमलों को रोकना है.

    वहीं, हाल के सप्ताहों में ईरान कई बार होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपने अधिकार की बात दोहरा चुका है. साथ ही, ईरानी बलों पर क्षेत्र में कई जहाज़ों पर हमला करने या उन्हें रोकने के आरोप भी लगे हैं.

    इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका को युद्ध का दायरा बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है और चेतावनी दी है कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का और अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा.

  16. नड्डा ने पेपर लीक को लेकर विपक्ष पर किया हमला, राहुल गांधी की मंशा पर उठाए सवाल

    जेपी नड्डा

    इमेज स्रोत, जोपी नड्डा

    इमेज कैप्शन, जेपी नड्डा ने कहा, "हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है"

    भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर हमला किया है.

    उन्होंने कहा कि अतीत में भी कई बार कई राज्यों में पेपर लीक होते रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "अगर मैं जम्मू-कश्मीर के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में हुए पेपर लीक की बात करूं, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, यहां भी कांग्रेस की सरकार है. झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षा के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है."

    उन्होंने आगे कहा, "तेलंगाना में इंटरमीडिएट की भाषा की परीक्षा का पेपर लीक हुआ और वहां भी सरकार को कांग्रेस और सीपीआई का समर्थन प्राप्त है. तेलंगाना में ही एसएससी की भाषा की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ और वहां भी सरकार को कांग्रेस और सीपीआई का समर्थन प्राप्त है."

    नड्डा ने कहा, "आप राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है. ये गंभीर मसला है. एक लंबी लिस्ट है जहां यूपीए की सरकारें थीं और पेपर लीक हुए."

    उन्होंने कहा, "हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है. हम ठोस नीति लेकर आएं क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं. ये सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी ज़िम्मेदारी है."

    जेपी नड्डा ने बताया कि वो प्रदर्शनकारियों से चर्चा के लिए तैयार हैं, प्रदर्शनकारी जब कहेंगे सरकार बातचीत करेगी. हालांकि आज कोई चर्चा नहीं हुई.

  17. सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश, कहा - छात्रों पर हमलों की वजह से जारी है अनशन

    सोनम वांगचुक

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    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी भी ज़िंदा ही हूं"

    सोनम वांगचुक ने बुधवार को गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल से एक वीडियो संदेश जारी किया है. इस संदेश में उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए छात्रों की तारीफ की.

    वांगचुक ने सरकार से छात्रों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की एफ़आईआर दर्ज न करने की मांग की.

    सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी भी ज़िंदा ही हूं. आज मेरे अनशन का 25वां दिन है. अब तक मेरा करीब 11 किलोग्राम वज़न कम हुआ है. साथ ही, मांसपेशियां भी कम होने लगी हैं, लेकिन मैं ठीक हूं. मंगलवार की रात को मैं सफ़दरजंग से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट हुआ."

    "मैं उन सभी छात्रों को दाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इतने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया, खुद पर लाठियां खाते हुए भी कोई जवाबी हमला नहीं किया. बहुत उकसाए जाने पर भी आपने सब्र से काम लिया. इससे मेरा दिल बहुत पिघल गया है."

    उन्होंने कहा, "छात्रों पर बर्बरता से हमले हो रहे थे, इसलिए मैंने अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया. अभी भी अनशन तोड़ने की अपील के साथ बहुत सारे नेता आए. सत्तारूढ़ दल के नेता भी आए और 55 सांसदों के हस्ताक्षरों वाला पत्र लेकर विपक्ष के सांसद भी आए, जो अपील कर रहे हैं कि मैं अनशन तोड़ूं और वापस देश सेवा में लग जाऊं.

    "मैं खुद भी ऐसा ही करना चाहता हूं. मेरे लिए मेरा काम बहुत ज़रूरी है."

    "मगर मैं सरकार से विनती करता हूं कि वह बच्चों पर और बल प्रयोग न करे. दूसरी बात, सरकार मुझे यह आश्वासन दे कि प्रदर्शनकारियों पर एफ़आईआर दर्ज नहीं की जाएगी.

    नीट पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनशन कर रहे हैं.

  18. पुलिस ने विपक्ष के नेताओं को सोनम वांगचुक से मिलने से रोका, सोनम की पत्नी ने क्या कहा

    संजय सिंह

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    इमेज कैप्शन, संजय सिंह के अलावा वहां सपा की सांसद प्रिया सरोज और राजद के सांसद संजय यादव भी मौजूद थे

    विपक्ष के सांसद बुधवार शाम सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया.

    इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने कहा, "इतिहास में पहली बार आपने सुना होगा कि पुलिस किसी अस्पताल में भर्ती मरीज से लोगों को मिलने से रोक रही है. हम सोनम वांगचुक से मिलने आए हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं."

    आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी, आरजेडी, सीपीआई(एम), जेएमएम, बीजेडी और आप के 15 सांसदों को सोनम वांगचुक से मिलकर 55 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने की अनुमति नहीं दी गई.

    संजय सिंह ने आगे कहा, "क्या ये लोग सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं? इस चिट्ठी में लिखा है कि आप अपना अनशन खत्म कीजिए. आपकी सेहत और आपकी जिंदगी की अहमियत को देखते हुए आपको अपना अनशन जारी नहीं रखना चाहिए."

    सोनम वांगचुक ने कहा था कि अगर देश के सांसद हमें भरोसा दिलाएं, तो मैं अपना अनशन खत्म कर सकता हूं. लेकिन हमें यह चिट्ठी देने की इजाजत नहीं दी जा रही है, हमें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है.

    जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिल चुके हैं. विपक्ष के भी कई सांसद उनसे मिलने आए हैं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा."

    संजय सिंह के अलावा वहां सपा की सांसद प्रिया सरोज और राजद के सांसद संजय यादव भी मौजूद थे.

    सोनम वांगचुक की पत्नी ने क्या कहा

    सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजली आंग्मो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "सोनम वांगचुक ने सांसदों से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया है. लेकिन उन्हें भारत सरकार से यह भरोसा भी चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होगा."

    गीतांजली ने कहा कि उन्हें यह आश्वासन भी चाहिए कि आज रात प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह की शारीरिक हिंसा नहीं होगी.