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रोहित शर्मा क्या लॉर्ड्स में खेलेंगे अपने करियर का आख़िरी मैच?
रोहित शर्मा 14 जुलाई को एजबेस्टन में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन वनडे मैचों की सिरीज़ के पहले मैच में 21 गेंद पर 11 रन बनाकर आउट हो गए थे. इन 21 गेंदों में 15 गेंद डॉट्स थीं.
गुरुवार को कार्डिफ में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा पिच पर संघर्ष करते दिखे और 47 गेंदों पर 26 रन की पारी खेली. इस बार 47 गेंदों में 31 गेंद डॉट्स थीं.
आउट होने के बाद रोहित शर्मा धीमे क़दमों से पविलियन लौट रहे थे. इन दो पारियों के बाद भारतीय मीडिया में ख़बर चलने लगी कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ रविवार को लॉर्ड्स में वह अपने क्रिकेट करियर का आख़िरी मैच खेलने उतर सकते हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, बीसीसीआई की वरिष्ठ चयन समिति ने उन्हें अपनी योजना के बारे में सूचित कर दिया है.
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''सूत्रों के मुताबिक, चयन समिति ने पिछले हफ़्ते कोच गौतम गंभीर के साथ मिलकर रोहित शर्मा से इस बारे में बात की थी. चयनकर्ता यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों को मौक़ा देना चाहते हैं, जो लंबे समय से अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं. समिति ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं में रोहित शर्मा की कोई भूमिका नहीं देखती.''
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''हमें मिली जानकारी के अनुसार, चयन समिति ने फ़ैसला किया है कि इंग्लैंड सिरीज़ के बाद रोहित शर्मा वनडे टीम की पहली पसंद के रूप में सलामी बल्लेबाज़ नहीं रहेंगे. मौजूदा स्थिति को देखते हुए, रविवार को लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा वनडे 39 वर्षीय रोहित शर्मा का भारत के लिए आख़िरी मैच साबित हो सकता है.''
क्रिकेट के दो फॉर्मेट से पहले ही संन्यास
रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. उन्होंने 29 जून 2024 को भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने के कुछ ही घंटों बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.
इसके बाद सात मई 2025 को इंग्लैंड दौरे से पहले इंस्टाग्राम पर पोस्ट के ज़रिए उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की.
पिछले साल चयन समिति ने रोहित शर्मा को वनडे टीम की कप्तानी से हटाकर शुभमन गिल को यह ज़िम्मेदारी सौंपी थी. वनडे कप्तान के तौर पर रोहित शर्मा ने भारत को 2023 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल तक पहुँचाया था. अगले ही साल उनकी कप्तानी में भारत ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप भी जीता.
रोहित शर्मा को लेकर इन ख़बरों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील अभिषेक सिंघवी ने एक्स पर लिखा है, ''कुछ खिलाड़ियों को उनके बनाए रनों के लिए याद किया जाता है. लेकिन कुछ विरले खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिन्हें उस भरोसे के लिए याद रखा जाता है जो उन्होंने पूरे देश को दिया. रोहित शर्मा उन्हीं चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं. महान खिलाड़ी क्रिकेट से संन्यास लेते हैं, लोगों की यादों से नहीं.''
स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट विक्रांत गुप्ता ने एक्स पर लिखा है, ''वनडे और टी20 क्रिकेट में रोहित शर्मा, विराट कोहली के लिए वही थे, जो टेस्ट क्रिकेट में राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर के लिए थे. वह सीमित ओवरों के क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक हैं.''
हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. रोहित शर्मा ने भी इस पर कुछ नहीं कहा है. कहा जा रहा है कि अंतिम फ़ैसला अब ख़ुद रोहित शर्मा को लेना है.
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि बोर्ड में कोई भी रोहित शर्मा पर संन्यास लेने का दबाव नहीं बनाना चाहता. लेकिन चयनकर्ता चाहते हैं कि अगले साल के मुक़ाबलों और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यशस्वी जायसवाल को लगातार मौक़े दिए जाएं.
रोहित के प्रदर्शन को लेकर सवाल
हाल के महीनों में रोहित शर्मा का प्रदर्शन भी उनके भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों को और मज़बूत करता है.
पिछली आठ वनडे पारियों में रोहित ने सिर्फ़ 241 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 30 से थोड़ा ज़्यादा रहा है और स्ट्राइक रेट 90 से कम रहा है. इस अवधि में उनका सिर्फ़ एक अर्धशतक आया है, जो टीम में उनकी जगह को लेकर उठ रहे सवालों को मज़बूत किया है.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरा वनडे भी इन मुश्किलों को आगे बढ़ाता दिखा. रोहित ने 47 गेंदों पर 26 रन बनाए. वह कभी भी सहज नज़र नहीं आए और आख़िरकार विल जैक्स का शिकार बने. नई गेंद के ख़िलाफ़ उनकी धीमी बल्लेबाज़ी विराट कोहली और श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन से बिल्कुल अलग रही, जो भारत की हार के बावजूद कहीं अधिक लय में दिखाई दिए.
अंग्रेज़ी अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि रोहित शर्मा से आगे बढ़ने के पक्ष में सबसे मज़बूत तर्क यशस्वी जायसवाल का तेज़ी से उभरना माना जा रहा है.
बिज़नेस स्टैंडर्ड ने लिखा है, ''बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज़ ने जब-जब मौक़ा मिला है, प्रभावित किया है. हाल ही में उन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए, जिससे चयनकर्ताओं का यह भरोसा और मज़बूत हुआ है कि उन्हें बीच-बीच में नहीं, बल्कि लगातार मौक़े मिलने चाहिए. भारतीय टीम प्रबंधन का मानना है कि अगर जायसवाल को टीम में नियमित रूप से शामिल करने में और देर की गई तो 2027 वर्ल्ड कप तक वह पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएंगे.''
टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, "चैंपियंस ट्रॉफी के बाद रोहित शर्मा के बल्लेबाज़ी करने का तरीक़ा पूरी तरह बदल गया. अब वह काफ़ी संभलकर और ज़रूरत से ज़्यादा सतर्क होकर बल्लेबाज़ी कर रहे हैं. टीम प्रबंधन का मानना है कि किसी भी सिरीज़ में लय हासिल करने के लिए उन्हें कम से कम तीन मैच चाहिए होते हैं.''
"रोहित के लिए यह चुनौती पहले से ही तय थी क्योंकि वह बाक़ी दोनों फॉर्मैट से संन्यास ले चुके हैं. वह घरेलू क्रिकेट भी बहुत कम खेलते हैं. पिछले सीजन उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिर्फ़ दो मैच खेले थे, जिनमें से एक सिक्किम के ख़िलाफ़ था. उन्हें अपनी लय हासिल करने के लिए ज़्यादा समय चाहिए. चयनकर्ताओं ने अपनी राय उनसे साझा कर दी है. अब आगे क्या करना है, इसका फ़ैसला रोहित और बोर्ड को मिलकर करना होगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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