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प्रमुख समाचार
सोनम वांगचुक के बाद अब जंतर-मंतर पर कौन लोग कर रहे हैं भूख हड़ताल
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने जंतर-मंतर से भूख हड़ताल के दौरान उठाकर दिल्ली के सफ़दरजंग हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया है. हालाँकि जंतर-मंतर पर कुछ लोगों की भूख हड़ताल जारी है.
लाइव, यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस में 7 लोगों की मौत, 49 घायल
रूस के तांबोव क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी परविशोव ने टेलीग्राम पर लिखा कि रात की शिफ्ट में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई.
सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल तोड़ने से इनकार, ड्रिप या मुंह से तरल पदार्थ लेने से किया मना
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के जंतर-मंतर से हटाकर सफ़दरजंग अस्पताल ले जाया गया था. सफ़दरजंग अस्पताल ने 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है.
'एक बार सुनने की क्षमता चली गई, तो वापस नहीं आती': कान की ताक़त को ऐसे बचाएं
सुनने की क्षमता सिर्फ़ रॉकेट लॉन्च या डेथ मेटल कॉन्सर्ट जैसी बेहद तेज़ आवाज़ों से ही प्रभावित नहीं होती. रोज़मर्रा की कई गतिविधियां भी कानों को नुक़सान पहुंचा सकती हैं.
वीडियो, ईरान को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर रुख़ की वजह से क्या कोई नुक़सान होगा? - द लेंस, अवधि 34,25
अमेरिका और ईरान के बीच बीते कुछ दिनों में एक बार फिर सैन्य टकराव तेज़ हो गया है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर ये संघर्ष लंबा चलता है तो इसकी सबसे बड़ी आर्थिक क़ीमत भारत को कितनी चुकानी पड़ेगी?
एक शख़्स की भूख हड़ताल ने बदला था भारत का नक़्शा, क्या अब भी इसमें राजनीति बदलने की ताक़त है?
महात्मा गांधी, पोट्टी श्रीरामुलु, इरोम शर्मिला, अन्ना हज़ारे से लेकर सोनम वांगचुक तक, भारत के इतिहास में कुछ दशकों के अंतराल पर ऐसे कार्यकर्ता सामने आए हैं, जिन्होंने सरकार को झुकाने के लिए नैतिक बल का इस्तेमाल भूख हड़ताल करके किया है.
जापान के पूर्व मंत्री ने भारत सरकार के रुख़ को कहा- लापरवाह, बढ़ा विवाद
जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान माकिहारा के आरोपों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक व्यक्ति की राय है और तथ्यों से काफ़ी अलग है.
सोनम वांगचुक: भूख हड़ताल पर बैठे शख़्स को क्या जबरन हटाया जा सकता है? क्या कहते हैं कोर्ट के फ़ैसले
भूख हड़ताल पर बैठे शख़्स के क्या अधिकार हैं? क्या उसे अनशन की जगह से जबरन हटाकर कहीं और ले जाना उसके अधिकारों का हनन है? जानिए, अदालत के फ़ैसले इस बारे में क्या कहते हैं.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप फ़ाइनल: स्पेन की वो ताक़त जो अर्जेंटीना पर पड़ सकती है भारी
स्पेन को कई वजहों से वर्ल्ड कप जीतने का भरोसा है. यूरो 2024 का ख़िताब, लगातार 37 मैचों से अजेय रहने का सिलसिला और सबसे बढ़कर सेमीफ़ाइनल में फ़्रांस पर मिली जीत.
बीबीसी विशेष
बीबीसी हिन्दी का नया ऐप, ऐसे करें डाउनलोड
बीबीसी हिन्दी ने गुरुवार को अपना नया ऐप लॉन्च किया है. जानिए क्या हैं इसकी ख़ासियतें.
आज़म ख़ान: जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के फ़ैसले के पीछे प्रशासन क्या कारण बता रहा है?
आज़म ख़ान जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताते रहे हैं. योगी सरकार ने इसे गिराने का फ़ैसला किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि तोड़ा क्यों जा रहा है?
विक्रम वन: भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट की लॉन्चिंग सफल, क्या है ख़ासियत
स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी का कहना है कि इस रॉकेट का वजन 40 टन है और यह 20 मीटर ऊंचा है. इसकी क्षमता 8 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से सैटेलाइट ले जाने की है.
चलते हुए या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना किन बीमारियों का लक्षण हो सकता है?
मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि शारीरिक गतिविधियों के दौरान सांस फूलना कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती लक्षण हो सकता है. ऐसे में क्या करना चाहिए?
गैरी सोबर्स: 12 उंगलियां, एक ओवर में छह छक्के और 365 रन की पारी को कौन भूल सकता है
वेस्टइंडीज़ के दिग्गज पूर्व ऑलराउंडर सर गारफ़ील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. उन्हें क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में से एक माना जाता है.
इसरो से इतनी बड़ी संख्या में वैज्ञानिक इस्तीफ़ा क्यों दे रहे हैं? बदले गए इस्तीफ़ा स्वीकार करने के नियम
इसरो ने अपने वैज्ञानिकों के इस्तीफ़े स्वीकार करने के नियमों में बदलाव किया है. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि पिछले एक साल में अनुमानित 100-120 वैज्ञानिक इसरो छोड़कर स्पेस स्टार्टअप्स से जुड़ गए हैं.
आमिर ख़ान ने कहा, 'सोनम वांगचुक पर नहीं बनी थी थ्री इडियट्स', भूख हड़ताल पर की ये टिप्पणी
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर कई लोग सवाल उठा रहे थे कि आमिर ख़ान क्यों चुप हैं. आमिर ख़ान ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है और ये भी कहा कि थ्री इडियट्स सोनम वांगचुक के जीवन पर नहीं थी.
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चर्चित रिपोर्टें
मेसी, माराडोना या पेले: आख़िर कौन है फ़ुटबॉल का सबसे महान खिलाड़ी
39 वर्ष की उम्र में भी लियोनेल मेसी अर्जेंटीना के 2026 फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप अभियान का अहम हिस्सा हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या उन्होंने अपने हमवतन डिएगो माराडोना और ब्राजील के पेले को पीछे छोड़ दिया है?
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी चर्चा
केंद्र सरकार सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर बहुत हरकत में नहीं दिख रही है. लेकिन वांगचुक के अनशन की चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी अच्छी ख़ासी है. पढ़िए दुनिया के अहम मीडिया संस्थानों ने क्या लिखा है?
भारत में पहली बार चली हाइड्रोजन ट्रेन, जानिए क्या है ख़ासियत
भारत में पहली बार हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत हुई है, जिससे भारत इस तकनीक के मामले में कुछ चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है.
सोनम वांगचुक: इनोवेशन से बदलाव लाने वाले इंजीनियर, सिर्फ़ शिक्षा ही नहीं अपने इन कामों से भी कमाई शोहरत
सोनम वांगचुक ने शिक्षा के अलावा पर्यावरण जैसे क्षेत्र में भी काफ़ी काम किया. उनके कामों की वजह से लोग उन्हें इंजीनियर, इनोवेटर, एजुकेशनिस्ट या पर्यावरण कार्यकर्ता के तौर पर जानते हैं.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप फ़ाइनल से पहले मेसी और यमाल की एक तस्वीर की खूब चर्चा हो रही है
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 के फ़ाइनल में अर्जेंटीना और स्पेन की टक्कर तय होने के साथ ही मेसी और यमाल की एक पुरानी तस्वीर चर्चा में आ गई है.
फॉकलैंड: फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में जीत के बाद अर्जेंटीना के रुख़ से बढ़ा विवाद
यह एक ऐसा द्वीप है, जिस पर अब भी ब्रिटेन का नियंत्रण है. ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच इसकी संप्रभुता को लेकर विवाद है. ब्रिटेन के लोग इसे फॉकलैंड द्वीप कहते हैं जबकि अर्जेंटीना के लोगो मअविनस द्वीप.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल: मेसी ने कैसे आख़िरी मिनटों में इंग्लैंड के सपनों पर पानी फेर दिया
मेसी जब 31 साल के थे, तब कई लोगों को, यहाँ तक कि उनके क़रीबियों को भी लगता था कि वह अपना आख़िरी वर्ल्ड कप खेल चुके हैं और वर्ल्ड चैंपियन बने बिना ही करियर ख़त्म कर देंगे. लेकिन आठ साल बाद कहानी अब बहुत आगे बढ़ चुकी है.
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मल्टीमीडिया
वीडियो, दादी की कैंसर से हुई मौत ने किया था नीट यूजी 2026 के टॉपर को मोटिवेट, अवधि 3,13
पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल इस साल के जॉइंट टॉपर हैं. दोनों को ही 720 में 715 अंक हासिल हुए हैं.
वीडियो, इंदौर का काग़ज़ी अस्पताल: इमारत तक मौजूद नहीं लेकिन 87 लोगों की नियुक्ति, अवधि 11,33
सरकारी काग़ज़ों में इस अस्पताल में दर्जनों डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और कई स्टाफ हैं, जो यहां काम कर रहे हैं.
वीडियो, नौ साल की उम्र तक स्कूल से दूर रहे सोनम कैसे शिक्षा के लिए जाने गए, अवधि 8,18
बीते कुछ समय से देश के जानेमाने शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ख़बरों में रहे हैं. वो पहले लद्दाख से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर चर्चा में थे और अब देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर.
वीडियो, अनशन पर सोनम वांगचुक, उनके डॉक्टर ने सेहत को लेकर ये जानकारी दी- ग्राउंड रिपोर्ट, अवधि 3,42
सोनम वांगचुक की सेहत और सीजेपी के प्रोटेस्ट को लेकर बीबीसी संवाददाता ग़ाफ़िरा क़ादिर ने अनशन स्थल पर मौजूद डॉक्टर और सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके से बात की.
वीडियो, झारखंड: एपिडेमिक ड्रॉप्सी से एक परिवार के 6 लोगों की मौत, ये होता क्या है?, अवधि 6,41
जांच में सामने आया है कि पूरा परिवार एपिडेमिक ड्रॉप्सी नाम की जानलेवा बीमारी की चपेट में था.
वीडियो, राजनीतिक दलों के वादे, करोड़ों खर्च फिर क्यों साफ़ नहीं हो पा रही यमुना? ग्राउंड रिपोर्ट, अवधि 4,51
यमुना नदी को साफ़ करने के मकसद से बीते कई सालों में बहुत सी कोशिशें हुईं लेकिन इसके बावजूद यमुना की हालत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला.
वीडियो, भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत-ग्राउंड रिपोर्ट, अवधि 8,29
सोनम वांगचुक 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े थे और उसी दिन से भूख हड़ताल पर हैं.
वीडियो, लाहौर में कुछ जगहों के नाम बदले जाने की बात और भारत का भी ज़िक्र, आखिर क्यों?, अवधि 3,52
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार शहर की सड़कों और मोहल्लों के उन नामों को दोबारा बहाल कर रही है जो बंटवारे से पहले हुआ करते थे.
वीडियो, लक्ष्मी वैज्ञानिक बनना चाहती थी, लेकिन उनका सपना और घर दोनों टूट गए, अवधि 5,46
बीते दिनों रांची में नगर निगम की ओर से चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लक्ष्मी का घर भी तोड़ दिया गया.
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हिमालय के ग्लेशियर ख़त्म होने की कगार पर हैं? - दुनिया जहान
पिघलते ग्लेशियर धरती के लिए बड़ा ख़तरा हैं, इस ख़तरे से कैसे निपटा जा सकता है.
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