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लाइव, पेपर लीक मामले में फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट से जुड़े पीएम के बयान पर कांग्रेस ने क्या कहा

कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने कहा- 'देश के युवा प्रधानमंत्री मोदी की दिखावटी सहानुभूति नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही चाहते हैं.'

सारांश

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. पेपर लीक मामले में फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट से जुड़े पीएम के बयान पर कांग्रेस ने क्या कहा

    कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही है.

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''सिर्फ़ धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी बचाने के लिए पूरी बीजेपी उनके बचाव में उतर आई है. नड्डा जी के बाद अब नरेंद्र मोदी भी यह समझाने आ गए हैं कि छात्रों और विपक्ष को क्या स्वीकार करना चाहिए. 20 जुलाई की सुबह, करीब आठ घंटे की नींद के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे, उससे पहले संसद जाने वाली सड़कों पर इस देश के युवाओं के साथ बेरहमी की गई. उन पर लाठीचार्ज हुआ, उनके सिर फोड़े गए, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पैलेट गन चलाई गई, बिजली के झटके दिए गए. महिलाओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई.''

    उन्होंने लिखा, ''इन सबके बाद ही "महाराजा नरेंद्र दामोदरदास मोदी" जागे और पेपर लीक के आरोपियों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने तथा 'त्वरित सजा' दिलाने की घोषणा की. लेकिन इतना काफी नहीं है. इस देश के युवा प्रधानमंत्री मोदी की दिखावटी सहानुभूति नहीं, बल्कि न्याय, जवाबदेही और अपनी मांगों को पूरा किए जाने की मांग कर रहे हैं.''

    ''इसकी शुरुआत धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से हो सकती है.''

  2. जंतर-मंतर पर आज कैसा है माहौल, तस्वीरों में देखें

  3. प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पर पहुंचीं हुमा क़ुरैशी

    बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा क़ुरैशी भी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंची हैं.

    कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उनकी तस्वीर डालते हुए लिखा है, ''बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचीं.''

    ''यह जनता का आंदोलन है. न्याय और जवाबदेही की मांग के लिए हम सभी को एकजुट होकर इसका साथ देना चाहिए.''

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी अपना समर्थन दे रहे हैं.

    इससे पहले मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट डाला था.

    मशहूर अभिनेत्री शबाना आज़मी ने भी जंतर-मंतर पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था.

  4. नड्डा जी, जब जम्मू-कश्मीर में पेपर लीक हुआ तो एलजी का शासन था: उमर अब्दुल्लाह

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यहां पेपर लीक पर केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा के आरोपों पर जवाब दिया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जे पी नड्डा जी. आपने जम्मू-कश्मीर में एसएसबी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का ज़िक्र करके सही मुद्दा उठाया है, लेकिन उसकी तारीख़ ग़लत बता दी. यह मामला 2022 का था और उस समय जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस की सरकार नहीं थी.''

    ''वहां प्रशासन लेफ़्टिनेंट गवर्नर के नेतृत्व में चल रहा था. फिर भी, इस विफलता की याद दिलाने के लिए आपका धन्यवाद.''

    ''इस मामले में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने कई अहम टिप्पणियां की थीं और कुछ महत्वपूर्ण आदेश भी दिए थे.''

    '''लेकिन आज तक यह पता नहीं चल पाया कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई हाई लेवल कमिटी और उसकी रिपोर्ट का क्या हुआ.''

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था, ''अगर मैं जम्मू-कश्मीर के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में हुए पेपर लीक की बात करूं, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, यहां भी कांग्रेस की सरकार है. झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षा के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है."

  5. दिल्ली मेट्रो के ये स्टेशन आज भी रहेंगे बंद, कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा

    दिल्ली मेट्रो ने बताया है कि गुरुवार ( 23 जुलाई 2026) को इसके कई मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे.

    दिल्ली मेट्रो ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है, ''सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक निम्नलिखित मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी.''

    जो मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे वो इस तरह हैं- 1.लोक कल्याण मार्ग 2. राजीव चौक 3. पटेल चौक 4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग 5. बाराखंभा रोड 6. सुप्रीम कोर्ट 7. सेवा तीर्थ 8.जनपथ 9.मंडी हाउस 10.सेंट्रल सेक्रेटेरिएट 11.आईटीओ 12.दिल्ली गेट 13. इंद्रप्रस्थ 14. ख़ान मार्केट 15.जोर बाग 16. शिवाजी स्टेडियम.

    हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इन स्टेशनों पर यात्री एंट्री या एग्ज़िट नहीं कर पाएंगे.

    इससे पहले बुधवार शाम को दिल्ली मेट्रो ने कहा था कि उसके सभी स्टेशन पैसेंजर सर्विस के लिए खुले हैं.

  6. सीजेपी ने कहा- 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग से कोई समझौता नहीं'

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के लेकर कोई समझौता नहीं होगा.

    कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "मैंने आज सोनम वांगचुक से कई बार बात की. उन्होंने सभी प्रदर्शन करने वालों से अपील भी की है कि वे शांति बनाए रखें और इस प्रदर्शन को सही तरीके से करें. इस देश में पहले हुए प्रदर्शनों में, सत्ताधारी दल की ओर से असामाजिक तत्त्वों की घुसपैठ कराई गई और फिर दोष आंदोलन पर मढ़ दिया गया. ऐसा नहीं होना चाहिए."

    केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उन्होंने कहा, "जे.पी. नड्डा को शर्म आनी चाहिए. लोग यहां 30 दिनों से ज़्यादा समय से बैठे हैं और वे कह रहे हैं कि राजनीति नहीं होनी चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर कोई समझौता नहीं होगा, उन्हें जाना होगा. तब तक ये प्रदर्शन चलता रहेगा."

    इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहा कि विपक्षी दल इस आंदोलन में राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं.

    उन्होंने कहा था, ''हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है. हम ठोस नीति लेकर आएं क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं. ये सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी ज़िम्मेदारी है."

  7. अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौता

    अमेरिका और सऊदी अरब ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

    इस समझौते से खाड़ी का यह देश अपना नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित कर सकेगा.

    अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, यह "शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौता" है.

    इसके तहत अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर काम करने का अवसर मिलेगा.

    समझौते का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, भविष्य में इसके तहत सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्द्धन की अनुमति मिल सकती है.

    संवर्द्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बिजलीघरों के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है.

    हालांकि, इसी तकनीक का उपयोग परमाणु बम बनाने के लिए भी किया जा सकता है.

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसा होता है, तो यह अमेरिका की ओर से पहली बार होगा. इससे पहले से ही अस्थिर पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों के प्रसार का खतरा बढ़ सकता है.

    अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बताया कि परमाणु सहयोग समझौते के साथ एक द्विपक्षीय सुरक्षा निगरानी समझौते (बाइलेटरल सेफगार्ड्स एग्रीमेंट) पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं.

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